काहिरा , फरवरी 04 -- ईरानी सशस्त्र बलों के एक ड्रोन ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्रों में एक "निरीक्षण मिशन" पूरा किया, जिसके ठीक बाद अमेरिकी सेना ने माना कि उसने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है जिसने एक विमान वाहक के करीब आक्रामक रूप से आने की कोशिश की थी।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि ईरान का अपने एक ड्रोन से संपर्क टूट गया है जिसके कारणों की जांच की रही है।

फ़ार्स समाचार एजेंसी ने अज्ञात सूत्रों का हवाले से कहा कि ड्रोन ने ईरान से सटे क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों की सफलतापूर्वक निगरानी की और वास्तविक समय में जमीनी ठिकानों को डेटा भेजा। रिपोर्ट में ऐसे अभियानों को क्षेत्र की समग्र निगरानी के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

अमेरिकी केंद्रीय कमान ने इससे पहले कहा था कि अरब सागर में एक अमेरिकी एफ-35सी युद्धक विमान को ईरानी शाहेद-139 ड्रोन को मार गिराने के लिए मजबूर होना पड़ा। कमान ने कहा कि ईरानी ड्रोन यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर "अनावश्यक रूप से पैंतरेबाजी" की, जब विमानवाहक पोत ईरानी तट से लगभग 800 किलोमीटर दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहा था।

अमेरिकी बयान के अनुसार, ड्रोन को आत्मरक्षा की कार्रवाई में मार गिराया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि इस मुठभेड़ में कोई भी अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ और न ही किसी उपकरण को नुकसान पहुंचा। यह मुठभेड़ आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता की अस्थायी संभावनाओं के बीच हुई है।

इससे पहले दिन में, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा था कि उन्होंने विदेश मंत्रालय को अमेरिका के साथ निष्पक्ष एवं न्यायसंगत बातचीत करने का निर्देश दिया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर श्री पेज़ेश्कियन ने कहा कि यह कदम क्षेत्रीय सरकारों द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के वार्ता प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देने के अनुरोध के बाद उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी वार्ता "गरिमा, विवेक एवं तत्परता" की सीमाओं में होनी चाहिए।

तुर्की ने इस मामले में मध्यस्थता की पेशकश की है लेकिन ईरान बातचीत के दायरे को सीमित करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी समाचार एजेंसी एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से कहा कि ईरान वार्ता स्थल के रूप में ओमान को प्राथमिकता देता है और अरब एवं मुस्लिम देशों को शामिल करने वाले व्यापक प्रारूप के बदले अमेरिका के साथ सीधी बातचीत करना चाहता है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा कि आगामी दिनों में होने वाली वार्ताओं के लिए स्थान तय करने के लिए विचार-विमर्श जारी है। यह जानकारी आधिकारिक समाचार पत्र आईआरएनए ने दी। श्री बग़ाई ने कहा कि तुर्की, ओमान और कई अन्य क्षेत्रीय देशों ने वार्ताओं की मेज़बानी करने के लिए तत्परता व्यक्त की है जिन्हें ईरान अत्यंत महत्व देता है। हालांकि इस राजनयिक प्रयास का इज़रायल ने विरोध किया है।

अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ मंगलवार को यरुशलम पहुंचे जहां उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ से बातचीत की। इस दौरान उनकी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से संभावित मुलाकात हो सकती है।

बैठक के बाद, नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि ईरान ने बार-बार यह प्रदर्शित किया है कि उस पर अपने वादे निभाने के मामले में भरोसा नहीं किया जा सकता है।

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