रांची , जनवरी 22 -- ऑल इंडिया सेंट्रल कौंसिल ऑफ़ ट्रेड यूनियन (ऐक्टू) के सीडब्ल्यूसी सदस्य काॅ. महेश कुमार सिंह ने कहा कि अमेरिका अपनी चौधराहट बंद करे क्योंकि दुनिया को युद्ध नहीं,शान्ति चाहिए।

काॅ. सिह ने झारखंड के लोहरदगा में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन्स के आह्वान पर अमेरिका द्वारा वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला करने के खिलाफ आज आयोजित प्रतिवाद दिवस को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रम्प दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध में धकेलना चाहता है। उनकी मंशा कभी नहीं रही है कि दुनिया शान्ति पूर्वक रहे। यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र संघ से अपनी दूरी बनाए रखना चाहता है।कभी हिन्दुस्तान-पाकिस्तान तो कभी पूँजीवादी देशों का सरगना बन समाजवादी देशों को धमकी देता है। कभी हथियार बेच कर दुनिया को दो भागों में बाँट कर अपना उल्लू सीधा करना चाहता है।

श्री सिंह ने कहा कि अभी दो-चार दिन पहले न्युयार्क और ग्रीनलैंड को अपने देश के नक्शा में दिखाकर समूची दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया है,जबकि वह अमेरिका का हिस्सा नहीं है। अमेरिका अपनी इस कार्रवाई से दुनिया में अमेरिकी साम्राज्यवाद कायम करना चाहता है,जो दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। ट्रम्प को, दुनिया में शान्ति हो या नहीं,इससे कोई मलब नहीं रहा है। एक तरफ वह पहले दो देशों को लड़ाकर हथियार बेचता है ,फिर दोनों के बीच संधि करवा कर अपने को शान्ति दूत बनने का प्रयास करता है। जब उसे शान्ति पुरस्कार नहीं मिला, तब से वह खुलेआम बोलना शुरु कर दिया है कि हमें "शान्ति पुरस्कार नहीं मिला तो मुझे दुनिया में शान्ति से कोई मतलब नहीं।"यह स्पष्ट करता है कि ट्रम्प कितना बड़ा स्वार्थी और अवसरवादी है।दावोस में जाकर ट्रंप दुनिया को दो भाग में बाँटने का प्रयास किया है।यही कारण है कि मित्र राष्ट्र जर्मनी,फ्रांस इटली ने भी अमेरिका का साथ छोड़ दिया , चीन,रूस तो अमेरिका से अलग है ही।

संयुक्तराष्ट्र महासचिव गुटेरस ने भी ट्रंप के उपर अपरोक्ष रूप से दुनिया में शान्ति से दूरी बनाने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने भारत को भी रुस से सस्ता तेल खरीदने से मना किया और दबाव दिया कि अमेरिका से मंहगा तेल खरीदो।तब अपने देशवासियों के हित में भारत ने रूस से तेल खरीदा तो 500% टैरिफ लगा दिया और झूठ बोला कि भारत और पाकिस्तान के बीच हमने शान्ति स्थापित करवा दिया।वह वेनेजुएला की भाँति भारत की भी संप्रभुता को भी खतरा में डालने का प्रयास किया था।भारत सरकार से अनुरोध है कि वेनेजुएला की संप्रभुता की रक्षा के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर डट कर खड़ा हो, जिससे भारत की संप्रभुता की भी रक्षा हो सके।

कार्यक्रम में मो. जफर आलम, किसुन दास, मोहन मिंज, एस के उराँव, ए के उराँव, आर एस बाबा आदि शामिल हुए।

कार्यक्रम के अंत में युद्ध नहीं,शान्ति चाहिए का नारा लगा। वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला नहीं सहेंगे।अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद आदि नारा के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित