अमेठी , जनवरी 5 -- जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के प्रभावी क्रियान्वयन से अमेठी जिले ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित इस योजना के चलते जिले में सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को व्यापक बढ़ावा मिला है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक अप्रैल 2024 से 20 दिसंबर 2025 तक लगभग 20 महीनों की अवधि में अमेठी जिले में कुल 44,305 संस्थागत प्रसव दर्ज किए गए। इनमें वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान 25,307 तथा 1 अप्रैल 2025 से 20 दिसंबर 2025 तक 18,998 प्रसव शामिल हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्व में घर पर प्रसव की परंपरा अधिक प्रचलित थी।
जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के बाद लाभार्थी महिलाओं को प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई गई। इससे न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित हुई बल्कि महिलाओं को समयबद्ध आर्थिक सहायता भी प्राप्त हुई। योजना के प्रभाव से संस्थागत प्रसव के साथ-साथ प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण और नवजात शिशु देखभाल सेवाओं में भी सुधार दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिले में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आशा बहनों द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को योजना की जानकारी देने और अस्पताल में प्रसव के लिए प्रेरित करने से योजना को व्यापक जनसमर्थन मिला।
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