ढाका , जनवरी 01 -- बंगलादेश जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने भारतीय राजनयिक के साथ एक "गुप्त बैठक" की थी, और कहा कि बैठक के बारे में कुछ भी गोपनीय नहीं था।
शफीकुर रहमान ने फेसबुक पर एक पोस्ट में एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया को दिए अपने साक्षात्कार से शुरू हुए विवाद के बारे में सफाई दी।
उन्होंने कहा कि वह 2025 के बीच में दो भारतीय राजनयिकों से मिले थे, जब वह अपने चिकित्सा इलाज के बाद घर लौटे थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों के कई राजनयिक उनकी सेहत के बारे में पूछने आए थे और दो भारतीय राजनयिक भी उनसे मिलने आए थे और इस मुलाकात का इससे ज़्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि "कल एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट को दिए एक साक्षात्कार में मुझसे पूछा गया कि चूंकि भारत हमारा पड़ोसी देश है, तो क्या हमारा उनसे कोई सम्पर्क है, क्या कोई बातचीत या बैठक होती है।
"मैंने जवाब दिया कि पिछले साल के बीच में जब मैं बीमार पड़ा और इलाज के बाद घर लौटा, तो देश - विदेश से कई लोग मुझसे मिलने आए। "उन्होंने कहा "जैसे दूसरे देशों के जाने-माने राजनयिक मुझसे मिलने आए, उसी तरह उस समय दो भारतीय राजनयिक भी मुझसे मिलने मेरे घर आए। दूसरों की तरह, मैंने उनसे भी बात की।
उन्होंने कहा कि मुझे हैरानी है कि कुछ घरेलू मीडिया आउटलेट्स ने रिपोर्ट किया है कि जमात अमीर और भारत के बीच एक गुप्त बैठक हुई थी। मैं ऐसी रिपोर्टिंग की कड़ी निंदा करता हूं और इससे जुड़े लोगों से अपील करता हूं कि वे भविष्य में बिना सही बातें जाने ऐसी गुमराह करने वाली खबरें प्रकाशित करने से बचें।"शफीकुर रहमान का यह जवाब एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट के एक दिन बाद आया, जो उनके साथ एक साक्षात्कार पर आधारित थी। रिपोर्ट में भारतीय राजनयिकों के साथ बैठक का ज़िक्र किया गया था और कहा गया था कि जमात आम सहमति वाली सरकार में शामिल होने के लिए तैयार है। बंगलादेश में आगामी 12 फरवरी को आम चुनाव हैं।
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