जयपुर , जनवरी 16 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने बच्चों के शैक्षणिक भविष्य के मद्देनजर स्कूल की मान्यता रद्द करने से जुड़े निर्णय पर पुनर्विचार करने या संतुलित समाधान निकालने की मांग की है।
अभिभावकों ने यह मांग करते हुए बताया कि एक मामले में केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूल की मान्यता रद्द करने के बाद विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ गयी है। वर्षों से इसी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का शैक्षणिक भविष्य अचानक अनिश्चितता के दौरमें पहुंच गया है, जिससे पढ़ाई के साथ बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अभिभावकों का कहना है कि सत्र में स्कूल बदलने का निर्देश बच्चों के भावनात्मक संतुलन और अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर सकता है। कई विद्यार्थियों के लिए यह समय बोर्ड परीक्षाओं और महत्वपूर्ण शैक्षणिक चरणों का भी है। अभिभावकों ने कहा कि यदि स्कूल में किसी स्तर पर कमियां पायी गयी हैं, तो उन्हें सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि उसका प्रतिकूल असर बच्चों पर न पड़े। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई में विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और सुधारात्मक कदमों के साथ पढ़ाई को जारी रखने की व्यवस्था होनी चाहिए।
अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने स्कूल के सामने उनके बच्चों के भविष्य को लेकर उसकी मान्यता संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग के साथप्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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