चेन्नई , नवंबर 16 -- अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने रविवार को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का विरोध करते हुए पूरे तमिलनाडु में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।
टीवीके महासचिव बुस्सी आनंद और चुनाव अभियान प्रबंधन सचिव आधव अर्जुन ने चेन्नई में आंदोलन का नेतृत्व करते हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एसआईआर प्रक्रिया की निंदा करते हुए नारे लगाए। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों के सामने आयोजित इस प्रदर्शन में टीवीके कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति देखी गई।
श्री बुस्सी ने आरोप लगाया कि चल रही प्रक्रिया में कई खामियाँ हैं और मतदाता सूची के सत्यापन में पारदर्शिता की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया एक राजनीतिक हथियार बन गई है। बीएलओ सत्तारूढ़ पार्टी के पदाधिकारी निर्देशित कर रहे हैं और वे द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
टीवीके नेता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्रमुक दोनों पर बीएलओ को व्यवस्थित रूप से अपने नियंत्रण में लेकर एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें तय कर रही हैं कि किन मतदाताओं को गणना फॉर्म मिलने चाहिए और किनको नहीं।
श्री अर्जुन ने आयोग पर इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले पर्याप्त जागरूकता पैदा न करने का आरोप लगाया और आयोग से पूरी समीक्षा करने, बीएलओ को राजनीतिक धमकी देने से रोकने और एक 'त्रुटिहीन और पारदर्शी' मतदाता सूची सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
टीवीके नेता ने कहा,"अगर इन चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया गया, तो हमारा विरोध नहीं रुकेगा। हम थलापति के कार्यकर्ता हैं।" साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 2026 में तमिलनाडु में बदलाव आएगा।
टीवीके नेताओं ने दोहराया कि पार्टी इस बात पर नज़र रखेगी कि क्या पहली बार मतदाता बनने जा रहे हर व्यक्ति को एसआईआर फ़ॉर्म मिल गया है और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी वास्तविक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
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