पटना , मार्च 24 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के तहत बिहार सरकार अब राज्य के सभी नगर निकायों की ऑडिट महालेखाकार (सीएजी) से कराएगी।
श्री सिन्हा ने आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ऑडिट में गड़बड़ी पाए जाने पर जवाबदेह कार्यपालक पदाधिकारियों (ईओ) और अभियंताओं पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में यह पहला मौका है जब नगर निकायों की ऑडिट महालेखाकार से कराने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि अबतक नगर निकायों की ऑडिट चार्टर एकाउंटेंट से कराई जाती रही है। सीएजी के की ओर ऑडिट कराए जाने से नगर निकायों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आएंगे, जिससे जिम्मेदार पदाधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।
श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार तेजी से बदलते विकास के परिदृश्य के बीच शहरीकरण की नई संभावनों के द्वार खोल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार की 15.6 प्रतिशत आबादी ही शहरी क्षेत्रों में निवास करती है। जो राष्ट्रीय औसत 36 प्रतिशत से काफी कम है। उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले दिनों राज्य में 11 नए टाउनशिप विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इन टाउनशिप में नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों के साथ-साथ सीतामढ़ी और सोनपुर को भी शामिल किया गया है। जिससे संतुलित एवं योजनाबद्ध शहरी विकास को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार शहरी स्वच्छता और कर प्रणाली में भी व्यापक सुधार ला रही है।
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