बैतूल , जनवरी 03 -- मध्यप्रदेश के इंदौर में जलजनित बीमारी की त्रासदी के बाद अब बैतूल जिले के आमला शहर में भी लोगोंं ने प्रदूषित पानी आने का आरोप लगाया है।

आमला के जवाहर वार्ड के नागरिकों ने शुक्रवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि जलावर्धन योजना के तहत हो रही पेयजल आपूर्ति बीमारी का कारण बनती जा रही है। वार्ड के अधिकांश नलों से मटमैला, बदबूदार और संदिग्ध पानी आ रहा है, जिसे पीने को मजबूर लोग आक्रोशित हैं।

बड़ी संख्या में वार्डवासी दूषित पानी की सप्लाई वाले स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि गंदा पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों में पेट दर्द, उल्टी, बुखार जैसी शिकायतें सामने आने लगी हैं। बावजूद इसके न तो सप्लाई रोकी गई और न ही पाइपलाइन बदली गई। नागरिकों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है।नगर पालिका परिषद आमला के प्रभारी जलप्रदाय शाखा अधिकारी अरुण पंवार ने कहा कि मटमैला पानी आने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, केवल लीकेज की सूचना मिली थी। कर्मचारियों को भेजकर सुधार कराया जा रहा है।

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