नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- आम तौर बिजली के ट्रांसफॉर्मरों में इस्तेमाल होने वाला एमॉर्फस स्टील अब देश में ही बनेगा, भारत अब तक इसका आयात करता रहा है।
जापानी कंपनी प्रोटेरियल की भारतीय इकाई प्रोटेरियल इंडिया ने शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कंपनी मेटग्लास इंडिया के नाम से कारोबार करेगी। कंपनी ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में जनवरी में फैक्ट्री लगाने का काम शुरू किया है और इस साल अक्टूबर तक उत्पादन आरंभ होने की उम्मीद है।
प्रोटेरियल के मुख्य कार्यकारी अधिकार सीन एम. स्टैक ने बताया कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और बड़े बाजार को देखते हुए कंपनी ने भारत में अपना तीसरा संयंत्र लगाने का फैसला किया है। इससे पहले कंपनी के दो संयंत्र जापान के यासुगी और अमेरिका के साउथ कैरोलिना में हैं।
भारतीय कंपनी में प्रोटेरियल की 74 प्रतिशत और तेलंगाना की कंपनी शिरडी साई इलेक्ट्रिकल्स की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी जो पहले से जापानी कंपनी से एमॉर्फस स्टील की बड़ी खरीदार रही है।
ट्रांसफॉमर के कोर मटेरियल के तौर पर पारंपरिक स्टील की जगह एमॉर्फस स्टील के इस्तेमाल से उसकी ऊर्जा दक्षता बेहतर होती है और वह ज्यादा मजबूत तथा टिकाऊ होता है। पारंपरिक धातुओं में उसके अणु क्रिस्टल संरचना में होते हैं जबकि एमॉर्फस धातुओं में अणु किसी तरल की तरह अनियमित होते हैं। इससे इसमें चुम्बकीय गुण बढ़ जाते हैं।
श्री स्टैक ने बताया कि कंपनी पहले से ही भारत में एमॉर्फस स्टील का निर्यात कर रही है। अभी वह हर महीने 2,000 टन स्टील की भारत में आपूर्ति करती है। पहले चरण में 7.7-8.0 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ सालाना 30,000 टन क्षमता का संयंत्र लगाया जा रहा है। यह देश में मौजूदा मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। भविष्य में निवेश बढ़ाकर 15-16 करोड़ डॉलर और क्षमता 60,000 टन करने की योजना है।
प्रोटेरियल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय सेठ ने बताया कि इस संयंत्र के लिए इस्पात की खरीद पूरी तरह भारतीय कंपनियों से की जायेगी। तकनीक तथा विशेषज्ञ जापानी होंगे और भारतीय पेशेवरों की टीम को भी जापान में प्रशिक्षित कर भविष्य के लिए विशेषज्ञ तैयार किये जायेंगे।
श्री स्टैक ने बताया कि पहले चरण में कंपनी 200 लोगों को रोजगार देगी जबकि बाद में उनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जायेगी।
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