रांची , दिसम्बर 10 -- झारखंड के भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर शराब घोटाले को लेकर बड़ा निशाना साधा है।

श्री मरांडी ने आरोप लगाया कि सारे नियम-कानून को ताक पर रखकर सरकार फिर जेएसबीसीएल को किसी बिना एग्रीमेंट के कंपनी को शराब आपूर्ति का काम किसके कहने पर दे दिया गया।

श्री मरांडी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा,अब एक बार फिर से किसी सरकारी अधिकारी की बलि देकर ख़ुद को बचाने की योजना बना रहे हैं मुख्यमंत्री @हेमंतसोरेनजेएमएमजी। लेकिन जिस तरह इनके घोटालों की संख्या बढ़ रही है, सरकारी अधिकारियों की गिनती इनके सामने कम पड़ जाएगी।

शराब घोटाले में पहले 38 करोड़, फिर 70 करोड़ और अब 136 करोड़ का नुकसान सामने आया है।

जाँच की आँच से बचने के लिए हेमंत सोरेन जी ने शराब घोटाले में बहुत सावधानी बरतने की कोशिश की, लेकिन एक गलती कर बैठे, अवैध कमाई की जल्दबाजी में अखबार में टेंडर जारी करने से पहले ही निर्धारित कंपनी को शराब आपूर्ति का काम सौंप दिया।

नियम के अनुसार शराब आपूर्ति करने वाली कंपनी को शराब आपूर्ति करने से पहले जेएसबीसीएल के साथ एग्रीमेंट करना था, लेकिन बिना किसी एग्रीमेंट के कंपनी को शराब आपूर्ति का काम दे दिया गया था।

एसीबी की जांच के अनुसार शराब घोटाले में इस कंपनी ने सरकार को 136 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। सारे नियम-कानून को ताक पर रखकर इस कंपनी को बिना एग्रीमेंट और टेंडर के काम देना किसके कहने पर हुआ, यह बताने की जरूरत नहीं है।

इतने बड़े घोटालेबाज़ तो पूरे राज्य में केवल एक ही हैं, वे कहते हैं कि करोड़ों की कमाई के लिए अगर जेल भी जाना पड़े तो क्या हर्ज है!"जितना और जहाँ हो सके लूट लो", यही इस सरकार का मंत्र है।

एसीबी का शिकंजा असल गुनाहगारों तक पहुँचे या नहीं, केंद्र की एजेंसियों द्वारा इस मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाएगी।

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