रायपुर/दुर्ग, मार्च 07 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती के मामले में शनिवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। प्रारंभिक जांच में जहां इस खेत को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा के नेता विनायक ताम्रकार का बताया जा रहा था, वहीं अब नई जानकारी सामने आई है कि यह जमीन विनायक ताम्रकार की नहीं, बल्कि उनकी दूर की रिश्तेदार मधुमिता ताम्रकार के नाम पर है। मधुमिता ताम्रकार रायपुर निवासी बताई जा रही हैं।

इस पूरे मामले को मुद्दा बनाकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार पर हमलावर रहे। श्री बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखी अभिव्यक्तियों में गंभीर आरोप जड़े हैं। इधर भाजपा ने आरोपी विनायक ताम्रकार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अफीम की खेती वाला खेत झिंझरी गांव में स्थित है, न कि समोदा में, जैसा कि पहले कहा जा रहा था। श्री विनायक ताम्रकार ने इस खेत से अपना सीधा संबंध होने से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि आरोप लगने के बाद भापा ने विनायक ताम्रकार को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी का कहना है कि दोषी पाए जाने पर किसी भी सदस्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बघेल ने आज समोदा गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता ने बड़े क्षेत्रफल में अवैध कब्जा कर अफीम की खेती की है। श्री बघेल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर इस घटनाक्रम पर विस्तृत प्रतिक्रिया देते हुए कई गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने लिखा, "यह खेत भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का है, जो दुर्ग के ग्राम समोदा में स्थित है। कमल के फूल वाली पार्टी के नेता अपने 10 एकड़ खेत में अब अफीम के पौधे और फूल उगा रहे हैं। आपको बता दूं कि अवैध नशीला पदार्थ हेरोइन का निर्माण भी इसी अफीम के पौधे से होता है।"उन्होंने लिखा, "इन तस्वीरों को ध्यान से देखिए... फिर याद कीजिए कि कुछ दिन पहले विधानसभा में मैंने सूखे नशे के विषय में गृहमंत्री विजय शर्मा से कुछ सवाल किए थे और गृहमंत्री गोलमोल जवाब देते नजर आए थे। सूखे नशे की तस्करी में लिप्त नव्या मलिक, जिसका नाम प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है, उसका जिक्र सरकार की लिस्ट में था ही नहीं।"पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले तो उन्हें बड़ा अचंभा हुआ लेकिन अब जब कड़ियां जुड़ रही हैं तो समझ आ रहा है कि खेल बड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस हेरोइन की आपूर्ति करने वाली नव्या मलिक थी, वह अचानक सरकार की सूची से बाहर कैसे हो गई?श्री बघेल ने कहा, "क्या नव्या मलिक और भाजपा के सूखे नशे की फैक्ट्री में भी कोई कनेक्शन है? क्या वह भाजपा की फैक्ट्री के प्रोडक्ट की मार्केटिंग का काम कर रही थी? ये बड़े सवाल हैं जो छत्तीसगढ़ की जनता के बीच तैर रहे हैं।"श्री बघेल ने एक के बाद एक कई सवाल किये और पूछा कि अफीम की इस खेती में कौन-कौन मंत्री या अधिकारी शामिल हैं? नव्या मलिक का नाम सरकार की सूची से किसने बाहर किया? नव्या मलिक कितनी बार विदेश गई और किसके साथ गई? विनायक ताम्रकार मुख्यमंत्री निवास में कब-कब आया? विनायक ताम्रकार के किन-किन नेताओं और अधिकारियों से संबंध हैं?उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "आपकी चुप्पी जनता के संदेह को विश्वास में बदल रही है। जनता मान रही है कि भाजपा ही प्रदेश में सूखे नशे को बढ़ावा दे रही है जिसके कारण कानून व्यवस्था बदहाल है। होली के दिन सिर्फ राजधानी में ही 5 मर्डर हुए हैं।"गौरतलब है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कल देर रात झिंझरी गांव में स्थित एक खेत में दबिश दी, जहां बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी। यह खेत करीब दस एकड़ में फैला है। खेत में केले और पपीते के पेड़ों की आड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि आसानी से पहचान न हो सके। सूत्रों के मुताबिक पिछले चार वर्षों से यहां अवैध रूप से अफीम उगाई जा रही थी और खेत की सुरक्षा के लिए निजी बाउंसर तैनात थे।

इस मामले का खुलासा होली के दौरान खेत पर पहुंचे कुछ बच्चों द्वारा ली गई एक तस्वीर के जरिए हुआ। तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने मौके से अफीम के पौधों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं।

इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जेवरा-सिरसा चौकी का घेराव कर मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक प्रदर्शन में शामिल हुए।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में भूमि स्वामियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। राजस्व विभाग और नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक बरामद अफीम की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के आरोपों के बारे में भाजपा के प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय ने बताया, "राष्ट्र प्रथम की भावना वाली पार्टी है भाजपा। पुलिस अफीम की खेती वाले मामले की जांच कर रही है, जारी जांच से सब कुछ साफ हो जाएगा।" उन्होंने कहा कि पार्टी ने आरोप लगने के तुरंत बाद विनायक ताम्रकार को निष्कासित कर दिया था, जो पार्टी की शून्य-सहिष्णुता नीति को दर्शाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं भाजपा ने त्वरित कार्रवाई कर अपनी छवि बचाने की कोशिश की है। हालांकि, जमीन के असली मालिक और विनायक ताम्रकार के रिश्ते की जांच के नतीजों पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले में हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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