काबुल/इस्लामाबाद , मार्च 11 -- अफगान तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच मंगलवार को शुरू हुई लड़ाई बुधवार तक जारी रही।
अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों जैसे पक्तिका, पक्तिया, खोस्त और नुरिस्तान में दोनों सेनाओं के बीच भारी गोलाबारी हुई है।
तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे हमलों में तीन आम नागरिक मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पातन जिले में एक घर पर मोर्टार का गोला गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तानी सेना ने शकिन जिले में घरों और सार्वजनिक इमारतों पर मोर्टार और तोपों से गोलाबारी की, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि जाज़ी मैदान जिले में 10 से अधिक गोले दागे गए, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया और कई परिवारों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा। कामदेश जिले में भी पिछले दिन से गोलाबारी जारी है, जिसकी वजह से स्थानीय लोग इलाका छोड़कर जा रहे हैं।
यह बयान पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने सोमवार को कहा था कि अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तानी कार्रवाई का मकसद सिर्फ उग्रवादियों के ठिकानों को खत्म करना है और आम लोगों को निशाना नहीं बनाया जा रहा है। तालिबान अक्सर इस दावे को गलत बताता रहा है और इस्लामाबाद पर स्कूलों, मस्जिदों, रिहायशी इमारतों और बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने का आरोप लगाता रहा है।
पाकिस्तान के दावों के उलट संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने पहले ही कहा था कि पाकिस्तानी हमलों में कम से कम 56 अफगान नागरिक मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इस्लामाबाद के उस दावे को भी खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि उसकी कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित है।
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