नैनीताल , दिसंबर 30 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अपात्र दिव्यांग प्रमाण पत्रों के जरिए आरक्षण का लाभ ले रहे शिक्षा महकमे के कई कार्मिकों के प्रमाण पत्रों की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य सचिव को 24 घंटे के अंदर अदालत में तलब किया है।

इस मामले को नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड, उत्तराखंड शाखा द्वारा की ओर से चुनौती दी गई है। साथ ही प्रकरण की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई।

इस मामले में सोमवार को भी अदालत ने सुनवाई की थी और सरकार को प्रमाण पत्रों की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की एक चार सदस्यीय कमेटी बनाने को कहा था।

साथ ही सरकार को चिकित्सकों के पैनल के लिए आज नाम सुझाने को कहा था। सरकार की ओर से आज कहा गया कि तीन सदस्यीय समिति का गठन कर लिया गया है। अदालत समिति में शामिल नामों से संतुष्ट नजर नहीं आयी और सचिव स्वास्थ्य को वर्चुअली अदालत में पेश होने के निर्देश दे दिए।

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