चंडीगढ़ , मार्च 30 -- शिरोमणि अकाली दल की छात्र इकाई, स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसओआई) के प्रमुख रणबीर सिंह राणा ने संगठन के खिलाफ अभद्र और मानहानिकारक भाषा का उपयोग करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करने की घोषणा की है।

यहाँ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री राणा ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे अपना और अपने कैबिनेट सहयोगियों का डोप टेस्ट एसओआई के सदस्यों के साथ करवाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में फतेहगढ़ साहिब में एक कार्यक्रम के दौरान एसओआई के खिलाफ बेहद अपमानजनक और गलत भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि हालांकि भगवंत मान एक संवैधानिक पद पर हैं, लेकिन उनके सार्वजनिक आचरण में कभी शालीनता नहीं दिखती। उन्होंने आरोप लगाया कि चूंकि वे पेशे से एक मंच कलाकार (स्टेज आर्टिस्ट) रहे हैं, इसलिए वे आज भी हर मंच पर वैसा ही व्यवहार करते हैं और युवा लड़कियों के सामने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते हैं, जो उनके लिए शर्मनाक है।

श्री राणा ने कहा कि एसओआई अकाली दल की छात्र इकाई है और इसके सदस्य उच्च बौद्धिक वर्ग से आते हैं। संगठन के अधिकांश सदस्यों के पास मास्टर डिग्री है और कई पीएचडी धारक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर, हाल ही में मजीठिया में उनके करीबी तलबीर गिल के पीए को 'चिट्ठा' (नशा) बेचते हुए पकड़ा गया था और अमृतसर सहित राज्य के अन्य हिस्सों में भी सत्ताधारी दल के कुछ नेता नशा बेचते पकड़े गए हैं। उन्होंने भगवंत मान को चुनौती दी कि वे अपना और अपने सभी कैबिनेट सहयोगियों का डोप टेस्ट एसओआई सदस्यों के साथ करवाएं, ताकि जनता को स्पष्ट हो सके कि असली नशेड़ी कौन है। उन्होंने कहा कि एसओआई सदस्य मुख्यमंत्री द्वारा चुनी गई किसी भी तारीख और समय पर इस टेस्ट के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि संगठन के खिलाफ इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा के लिए मुख्यमंत्री पर मुकदमा दायर करेगी, क्योंकि यह उन सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्रों को बदनाम करने की कोशिश थी जो अपनी डिग्री पूरी कर रहे हैं। उन्होने घोषणा की है कि 31 मार्च की दोपहर को वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री के पुतले फूंकेंगे।

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