पटना , जनवरी 04 -- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की महिलाओं को पंख दिए हैं और 'हनी गर्ल' के नाम से मशहूर मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली अनिता कुशवाहा उन्हीं पंखों के साथ अपना 'ब्रांड' लिए देश के कोने कोने में पहुंचना चाहती है।
'हनी गर्ल'-अनिता कुशवाहा ने यूनीवार्ता से बातचीत के दौरान कहा कि करीब 23 साल तक कुटीर उद्योग के रूप में शहद का कारोबार करने के बाद अब वह खुद का ब्रांड बनाना चाहती है और देश के कोने कोने तक अपनी पहचान बनाना चाहती है।
राजधानी पटना के गांधी मैदान में चल रहे ग्रामीण उत्पादों और सहकारी समूहों के मेले में अपने शहद के स्टॉल पर बैठी अनिता जिंदगी के ताने बाने बुनते हुए नई ऊंचाइयों के ख्वाब संजोए हुए है। करीब 23 साल तक कुटीर उद्योग के रूप में विभिन्न बिक्रेताओं को अपना शहद बेचने वाली 'हनी गर्ल' ने अपना खुद का ब्रांड 'अनिताज हनी' लांच कर दिया है और अब उसे बिहार की सीमाओँ को लांघ कर देश भर में पहुंचाना चाहती है।
अनिता कुशवाहा ने कहा कि महज 13 वर्ष की उम्र में मधुमखियों के दो बॉक्स के साथ उसने शहद बनाना शुरू किया था। पिता जनार्दन सिंह बाहर मजदूरी करते थे और मां रेखा देवी घरेलू महिला थी। अनिता घर की पहली लड़की थी, जिसने स्कूल जाना शुरू किया। थोड़ी बड़ी हुई तो खुद पढ़ती थी और अपने से छोटे बच्चों को पढ़ाती थी। कुछ पैसे इकठ्ठे हुए तो मधुमक्खी पालन वाले दो बक्से खरीद लिए।
अनिता का शहद बनाने का कारवां वर्ष 2002 में ही शुरू हो गया। कुछ पैसे आये, धंधे में रुचि बढ़ी तो मुजफ्फरपुर के पास ही पूसा में मशहूर राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण लेने पहुंची और 'वर्ल्ड स्टार ' नामक प्रोजेक्ट में उसे यूनीसेफ की तरफ से प्रथम पुरस्कार मिला। वर्ष 2006 में अनिता को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर से मिलने का अवसर मिला। इसके बाद 2007 में उसकी कहानी को एनसीईआरटी ने चौथी क्लास में शामिल किया।
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