सूरत , मार्च 02 -- गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सिंघवी ने कहा है कि जो समाज अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़ा रहता है वह जीवंत समाज होता है और समग्र विकास के नये प्रतिमान स्थापित करता है।
श्री सिंघवी ने यहां उत्तराखंड समाज द्वारा आयोजित पहाड़ी विरासत महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि इस समारोह में ज्यादा वही लोग हैं जिनका जन्म देवभूमि उत्तराखंड में हुआ लेकिन उनकी कर्मभूमि सूरत है। महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता बताते हुए उन्होंने कहा कि सूरत को अपनी कर्मभूमि चुनने वाले उत्तराखंड के लोगों ने इस महोत्सव ने अपनी परम्परा, पोशाक और संस्कृति को जीवित रखते हुए उसका बखूबी प्रदर्शन किया है।
विरासत महोत्सव के दौरान कई प्रबुद्ध लोगों को सम्मानित किया गया जिनमें वीर नर्मदा दक्षिण गुजरात विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ किशोर सिंह चावड़ा, 45 देशों में 8 हजार से ज्यादा ग्रीन सस्थानों के संस्थापक डॉ वीरेंद्र रावत, पर्यावरण विद डॉ विनोद प्रसाद जुगलान, उत्तराखंड के युवा कारोबारी दिनेश कलूड़ा, पूर्व आईपीएस डॉ तेजपाल सिंह बिष्ट, युवा आईपीएस विशाखा डबराल सहित कई प्रमुख लोग शामिल हैं।
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