नयी दिल्ली , जनवरी 08 -- केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने गुरुवार को यहां पंखुड़ी पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य महिला एवं बाल विकास पहलों में समन्वय, पारदर्शिता और हितधारकों की सुनियोजित भागीदारी सुदृढ़ करना है।

इस मौके पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक भी मौजूद थे।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच से प्रेरित है, जो इस बात पर जोर देते हैं कि प्रौद्योगिकी पारदर्शिता, सहभागिता और विश्वास को सक्षम बनाकर सरकार और नागरिकों के बीच एक सेतु का काम करती है और जन भागीदारी (लोगों की सहभागिता) प्रभावी राष्ट्र निर्माण के लिए केंद्रीय है। पंखुड़ी इस दृष्टिकोण को दर्शाते हुए एक डिजिटल मंच तैयार करती है जो सरकार, नागरिकों और संस्थानों को सामाजिक विकास के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करने के लिए एक साथ लाता है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार पंखुड़ी को सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों, अनिवासी भारतीयों (एनआरआई), गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योगदानकर्ताओं, कॉर्पोरेट संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों को एक साथ लाता है। यह पोर्टल पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई), बाल कल्याण, संरक्षण एवं पुनर्वास तथा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण सहित प्रमुख विषयगत क्षेत्रों में स्वैच्छिक और संस्थागत योगदानों को सुव्यवस्थित और एकीकृत करता है।

यह पोर्टल सीएसआर और स्वैच्छिक योगदान के लिए सामान्य डिजिटल इंटरफेस प्रदान करके हित धारकों के बीच संयोजन और समन्वय को बढ़ाता है।

इसके साथ ही, महिलाओं और बच्चों के कल्याण तथा सशक्तिकरण के उद्देश्य से की गयी पहलों के बेहतर कार्यान्वयन, निगरानी और जवाबदेही का समर्थन करता है। पंखुड़ी एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी डिजिटल तंत्र के माध्यम से मंत्रालय के प्रमुख मिशनों - मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति - के कार्यान्वयन में सहयोग प्रदान करती है और उसे सुदृढ़ बनाती है। योगदानकर्ता पोर्टल पर पंजीकरण करते हैं, पहलों की पहचान करते हैं, प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं और स्पष्ट रूप से परिभाषित अनुमोदन प्रक्रियाओं के माध्यम से अपने योगदान की स्थिति का पता लगाते हैं।

पारदर्शिता, जवाबदेही, मदद करने और जानकारी जुटाने के उद्देश्य से बनाया गया यह पोर्टल केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, कार्यान्वयन एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों और सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के हितधारकों के बीच सहयोग को सुगम बनाता है। वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को और सुदृढ़ करने के लिए, पोर्टल के माध्यम से किये जाने वाले सभी योगदान केवल गैर-नकदी माध्यमों से ही स्वीकार किए जाते हैं।

पंखुड़ी पोर्टल का शुभारंभ देश भर में महिलाओं और बच्चों के समावेशी, सहयोगात्मक और परिणामोन्मुखी विकास के लिए डिजिटल समाधानों का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एक पारदर्शी, विश्वसनीय और प्रौद्योगिकी-सक्षम ढांचे के माध्यम से सीएसआर (कर्मचारी हितधारक संबंध) करने और सरकार के साथ साझेदारी को सुगम बनाने में सहायक होगा। इससे 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों, पांच हजार बाल देखभाल संस्थानों, लगभग 800 वन स्टॉप सेंटरों (ओएससी), 500 से अधिक शक्ति निवासों और 400 से अधिक शक्ति सदनों के माध्यम से प्रदान की जा रही बुनियादी ढांचे और सेवाओं में सुधार होगा। अंततः इन संस्थानों के माध्यम से सेवा प्राप्त करने वाले करोड़ों आम नागरिकों का जीवन सुगम होगा।

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