देवरिया , मार्च 21 -- उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को कहा कि अन्नदाता भगवान के समान होता है और उसका हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

श्री शाही ने बैतालपुर में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत फसली ऋण माफी से लाखों किसानों को राहत दी गई है। उन्नत एवं प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वर्षों से उपेक्षित नहरों की व्यापक स्तर पर सफाई कराई गई है तथा अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया गया है, जिससे किसानों को समय पर पानी मिल रहा है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।

कृषि मंत्री ने बताया कि 'कुसुम योजना' के तहत किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे बिजली की समस्या से राहत मिली है और सिंचाई आसान हुई है। इससे लागत में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है, जिसका व्यापक लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला है।

प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए श्री शाही ने कहा कि बाढ़, सूखा एवं अन्य आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर राहत एवं मुआवजा प्रदान किया गया है। फसल क्षति के मामलों में पारदर्शी व्यवस्था के तहत क्षतिपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दे रही है। नई तकनीकों को बढ़ावा, कृषि यंत्रों पर अनुदान तथा किसानों को प्रशिक्षण देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।

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