लखनऊ , नवम्बर 18 -- उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण ने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक संरचनात्मक सुधार और नवाचार को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा ''हम उत्तर प्रदेश के अन्नदाता को एनर्जीदाता बनाने के रोडमैप पर कार्य कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि यूपी वर्ष 2047 तक ऊर्जा के क्षेत्र में न केवल देश में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सर्वश्रेष्ठ राज्यों में स्थान प्राप्त करे।''मंगलवार को योजना भवन में यूपी@2047 के तहत ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य यह निर्धारित करना रहा कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को ऊर्जा उत्पादन, वितरण और उपभोग के मामले में देश के अग्रणी एवं आत्मनिर्भर राज्यों में कैसे शामिल किया जाए।
श्री नरेंद्र भूषण ने कहा कि सौर ऊर्जा, कृषि सौर पंप, रूफटॉप सोलर और विकेन्द्रित ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है। यूपीपीसीएल के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने हाल के वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक ऊर्जा दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है और सभी विभागों को एक दिशा में समन्वित प्रयास करना होगा।
नीति आयोग के उप सलाहकार मनोज उपाध्याय ने कहा कि यूपी में अन्य राज्यों की तुलना में अधिक क्षमता मौजूद है। ''यदि गति और दिशा सही रही तो 2047 तक हर घर 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का सपना पूर्णतः साकार हो सकता है।''इंटेलिस्मार्ट के एमडी अनिल रावल ने स्मार्ट मीटरिंग के लाभ बताते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर सटीक बिलिंग, ऊर्जा चोरी की रोकथाम, ऑनलाइन बिल भुगतान, और उपभोक्ताओं को रियल-टाइम खपत की जानकारी प्रदान करते हैं। इससे उपभोक्ता ऊर्जा की बचत कर बेहतर ऊर्जा प्रबंधन कर सकते हैं।
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