कुशीनगर , दिसम्बर 24 -- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने शनिवार को कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं आधुनिक बनाए जाने के उद्देश्य से एयरपोर्ट पर तैनात विशेष सुरक्षा बल के जवानों के लिये मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराए जाने के संबंध में विभिन्न विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
विशेष सुरक्षा बल द्वारा शस्त्रागार, बैरक, कार्यालय, भोजनालय, शौचालय एवं स्नानागार आदि के निर्माण के लिये लगभग तीन एकड़ भूमि उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया गया है। इस क्रम में उपजिलाधिकारी कसया से प्राप्त आख्या के आधार पर संभावित स्थलों का विस्तृत परीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया है।
प्रथम विकल्प के अंतर्गत तहसील कसया के ग्राम नकहनी में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के पश्चिमी सिरे से सटी लगभग 10.02 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होना बताया गया है। यह भूमि आवासीय उपयोग के लिए उपयुक्त है तथा सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती एवं शीघ्र उपलब्धता की दृष्टि से अत्यंत अनुकूल मानी जा रही है। द्वितीय विकल्प के रूप में ग्राम महुआडीह लौंगरापुर, तहसील कसया स्थित बंजर श्रेणी की भूमि को चिन्हित किया गया है, जो एयरपोर्ट से लगभग 05 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। परीक्षण उपरांत इस भूमि के पुनर्ग्रहण की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है।
तृतीय विकल्प के अंतर्गत तहसील कसया में नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज एवं वर्तमान में रिक्त भूमि के कुछ गाटों को चिन्हित किया गया है, जो एयरपोर्ट से लगभग 1.2 से 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यदि यह भूमि सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त पाई जाती है, तो शासन स्तर से हस्तांतरण की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, यदि एयरपोर्ट की पांच किलोमीटर परिधि में पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं हो पाती है, तो आपसी सहमति अथवा विधिक अधिग्रहण प्रक्रिया के माध्यम से निजी भूमि क्रय किए जाने के विकल्प पर भी विचार किया गया है, जिसके लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था की जाएगी।
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