जयपुर , अप्रैल 24 -- राजस्थान में पुलिस महानिदेशक(डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने शुक्रवार को यहां जवानों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए आह्वान किया कि अनुशासन और मुस्तैदी से पुलिस की असली पहचान बनती हैं और सीखने में थोड़ी भी कमी रह गई है, उसे निरंतर अभ्यास और समर्पण से पूरा करें ताकि राजस्थान पुलिस हर मोर्चे पर अच्छे से अच्छा प्रदर्शन कर सके।

श्री शर्मा राजस्थान सशस्त्र बल (आरएसी) की पांचवीं बटालियन परिसर में शुक्रवार को आयोजित अलंकरण समारोह में आरएसी के अधिकारियों और जवानों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया और बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए अनुशासन और तैयारी के महत्व पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस की पहचान उसके टर्नआउट और चुस्ती-फुर्ती से होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी चाहे किसी निवास की सुरक्षा की हो, जेल की हो या कानून-व्यवस्था की, जवानों की तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जवानों को सीख दी कि वर्दी पहनने के ढंग से लेकर मौके पर पहुंचते ही चुस्ती के साथ कतारबद्ध होने की प्रक्रिया तक, आपकी हर हरकत में पेशेवर दक्षता नजर आनी चाहिए।

श्री शर्मा ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान उपकरणों के सही इस्तेमाल पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जैकेट किस तरह पहनी है, ढाल और लाठी को पकड़ने का तरीका क्या है और आपके पास मौजूद उपकरण की स्थिति कैसी है, यह आपकी तैयारी का पैमाना है।उन्होंने कहा "दिखने में यह समारोह छोटा हो सकता है, पर हमारे लिए यह एक बहुत बड़ा आयोजन है। जवानों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य की पहचान करना संगठन के लिए आवश्यक है ताकि भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए उनका उत्साहवर्धन हो सके।"उन्होंने आरएसी के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जिन्होंने गत वर्षों में अपनी ड्यूटी के दौरान असाधारण प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा दिया जाने वाला यह पहचान केवल पदक या प्रशस्ति पत्र नहीं है बल्कि यह जवान की मेहनत का सम्मान है।

समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया और श्री शर्मा द्वारा 49 कार्मिकों को डीजीपी डिस्क और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए। इसके साथ ही सराहनीय सेवाओं के लिए 149 कार्मिकों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक और 117 कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवा पदक से अलंकृत किया गया।

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