पटना , जनवरी 22 -- बिहार में अनुकंपा के आधार पर विद्यालय लिपिक और विद्यालय परिचारी पद पर नियुक्ति से जुड़े 373 मामले अब भी लंबित हैं।

शिक्षा विभाग की गुरुवार को हुई विभागीय समीक्षा में यह तथ्य सामने आया, जिसके बाद अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंद्र ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया है।

समीक्षा में पाया गया कि अनुकंपा नियुक्ति के तहत विद्यालय लिपिक के 302 और विद्यालय परिचारी के 71 मामले लंबित हैं। वैशाली, कटिहार, सारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, जमुई, औरंगाबाद, नवादा और मधेपुरा जिलों में इन मामलों का निपटारा अब तक नहीं हो सका है।

इसके साथ ही शिक्षा विभाग की योजनाओं से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) को लेकर भी गंभीर स्थिति सामने आई है। सितंबर, 2024 से 31 अक्टूबर, 2025 की अवधि में कुल 5,255 करोड़, 50 लाख रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र जिलों से मुख्यालय को अभी तक प्राप्त नहीं हुये हैं। हालांकि इस दौरान 14 हजार, 496 करोड़ रुपये में से 11 हजार, 374 करोड़ रुपये की जानकारी महालेखाकार कार्यालय को भेजी जा चुकी है।

समीक्षा में यह भी बताया गया कि मई, 2019 से 31 अगस्त, 2024 तक शिक्षा विभाग की योजनाओं से जुड़े 677.86 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र अब भी लंबित हैं, जिन्हें जिलों की ओर से विभागीय मुख्यालय भेजा जाना है। पोस्ट सीएफएमएस अवधि के तहत कटिहार, पश्चिम चंपारण, जमुई, दरभंगा, अररिया, लखीसराय, वैशाली, भागलपुर, नवादा और गोपालगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक से पहले उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा कराने का निर्देश दिया गया है।

अपर मुख्य सचिव डॉ राजेंद्र ने स्पष्ट किया कि लंबित नियुक्तियों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों के शीघ्र निपटारे के लिये विभागीय स्तर पर कड़ी निगरानी की जायेगी।

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