नयी दिल्ली/ अहमदाबाद , मार्च 28 -- एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में कारोबार करने वाली अदाणी समूह की कंपनी अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने सेना को स्वदेश में बनी 'प्रहार' 7.62 मिमी लाइट मशीन गन (एलएमजी) की 2,000 यूनिटें सौंपी हैं।

कंपनी ने शनिवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी देते हुए कहा कि यह भारत की छोटे हथियार बनाने की देश की क्षमता में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। कंपनी के अनुसार उसने 2000 एलएमजी की पहली खेप सिर्फ 7 महीनों में प्रस्तुत की है जो तय समय से 11 महीने पहले है।

कंपनी ने व्यावसायिक रूप से उत्पादन के लिए तय इस हथियार का पहला मॉडल 6 महीने में तैयार कर लिया था जबकि इसके लिए 18 महीने का समय तय था। इसके बाद बल्क प्रोडक्शन की मंजूरी मिली, जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो सकी। पहली खेप सेना को प्रस्तुत करते समय रक्षा मंत्रालय में महानिदेशक खरीद और अतिरिक्त सचिव ए. अनबरासु के साथ भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

'प्रहार' एलएमजी अदाणी डिफेंस की ग्वालियर में स्थित छोटे हथियार बनाने के कारखाने में तैयार की गयी है। कंपनी के अनुसार यह देश की पहली पूरी तरह समन्वित विनिर्माण सुविधाओं से सुसज्जित निजी क्षेत्र की स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। करीब 100 एकड़ में फैली इस यूनिट में बैरल बनाने से लेकर बोल्ट कैरियर और रिसीवर तैयार करने, एडवांस सीएनसी मशीनिंग, रोबोटिक्स, सरफेस ट्रीटमेंट, सटीक माप, मेटलर्जी लैब और 25 मीटर की अंडरग्राउंड फायरिंग रेंज जैसी सभी सुविधाएँ मौजूद हैं। यहाँ हर साल करीब एक लाख हथियार बनाए जा सकते हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा देश में ही तैयार होता है।

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