मुंबई , जनवरी 06 -- अडानी समूह की मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) मंगलवार को जारी किया गया और खुलते ही निवेशकों ने इसे हाथों-हाथ सबस्क्राइब किया। पहले दिन एनसीडी को चार गुणा से अधिक प्रतिसाद मिला।

इस इश्यू का न्यूनतम आकार 500 करोड़ रुपये था और 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि स्वीकार करने का प्रावधान रखा गया था। एक एनसीडी का मूल्य 1,000 करोड़ रुपये रखा गया है।

पहले दिन बाजार बंद होते समय तक बीएसई में 2,15,95,593 एनसीडी को सबस्क्राइब किया गया था। कुल 2,19,17,060 एनसीडी सबस्क्राइब हुए जो 4.38 गुना (438.34 प्रतिशत) है।

जानकारी के मुताबिक, पहले 10 मिनट में ही 500 करोड़ रुपये का एनसीडी सबस्क्राइब हो गया था। यह 45 मिनट में ही ओवर सबस्क्राइब हो गया था।

एनसीडी इश्यू 19 जनवरी तक खुला हुआ है लेकिन कंपनी के पास इसे समय से पहले बंद करने का अधिकार है।

एनसीडी में कंपनी बैंक से ऋण लेने के बदले सीधे निवेशकों से पैसे उधार लेती है। इसकी अवधि पूर्व निर्धारित होती है। तब तक कंपनी निवेशकों को निश्चित ब्याज देती है और अवधि पूरी होने के बाद मूल राशि वापस करती है। अडानी एंटरप्राइजेज ने बताया कि इसमें ब्याज की प्रभावी दर 8.90 प्रतिशत सालाना तक होगी।

एनसीडी 24 महीने, 36 महीने और 60 महीने की अवधि के होंगे। चौबीस महीने में वार्षिक या एकमुश्त ब्याज के विकल्प होंगे। वहीं, 36 महीने और 60 महीने की अवधि में तिमाही, वार्षिक या एकमुश्त ब्याज के विकल्प होंगे। हर विकल्प पर ब्याज की दर अलग-अलग होगी।

यह अडानी एंटरप्राइजेज का तीसरा एनसीडी है। इसे केयर रेटिंग्स ने 'केयर एए माइनस' रेटिंग दी है। डिबेंचर का अंकित मूल्य 1,000 रुपये है और एक निवेशक को कम से कम 10 एनसीडी खरीदने होंगे।

कंपनी ने बताया कि एनसीडी से प्राप्त 75 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल ऋणों की आंशिक या पूर्ण अदायगी तथा उस पर ब्याज के भुगतान के लिए किया जायेगा। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जायेगा।

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