मुंबई , फरवरी 21 -- ब्राजील के विमान निर्माता 'एम्ब्रेयर' ने शनिवार को घोषणा की कि वह भारत में अपने 88-सीटर ई175 क्षेत्रीय जेट विमानों को असेंबल करने के लिए एक 'फाइनल असेंबली लाइन' (एफएएल) स्थापित करने की योजना बना रहा है। यह परियोजना वर्ष 2028 तक अडानी समूह के साथ संयुक्त उद्यम के रूप में शुरू की जायेगी, बशर्ते कंपनी अगले दो वर्षों में भारत से 200 विमानों की आपूर्ति संबंधी आदेश प्राप्त करने का अपना लक्ष्य पूरा कर ले।
एम्ब्रेयर के अध्यक्ष और सीईओ फ्रांसिस्को गोम्स नेटो ने कहा कि अडानी समूह गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) में 'असेंबली प्लांट' के लिए स्थान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। उन्होंने भारत की बढ़ती विमान मांग के पीछे केंद्र सरकार की 'उड़े देश का आम नागरिक' (उड़ान) योजना को प्रमुख कारक बताया, जो घरेलू क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सक्षम बनाती है।
श्री नेटो ने आगे कहा कि एम्ब्रेयर की योजना एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख भारतीय एयरलाइनों के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ टाटा समूह के निर्णय कर्ताओं के साथ बैठकों की है। श्री नेटो का यह बयान अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के 27 जनवरी को एम्ब्रेयर के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा के बाद आया है। इसका उद्देश्य भारत में एकीकृत क्षेत्रीय परिवहन विमान पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना और विमान निर्माण, आपूर्ति शृंखला, बिक्री के बाद की सेवाओं के साथ-साथ पायलट प्रशिक्षण के अवसरों पर सहयोग करना है।
इन विमानों को गुजरात के अहमदाबाद जिले के धोलेरा में अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और एम्ब्रेयर के संयुक्त उद्यम में असेंबल किया जायेगा। जगह के लिए धोलेरा को अंतिम रूप दिये जाने की संभावना इसलिए है, क्योंकि धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) को भारत के सबसे उन्नत स्मार्ट औद्योगिक शहरों में से एक के रूप में विकसित किये जाने की उम्मीद है। साथ ही, इस शहर में एक धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने की उम्मीद है। इसमें विमानों के लिए रख-रखाव, मरम्मत एवं ओवरहाल (एमआरओ) सुविधा और पायलट प्रशिक्षण स्कूल भी होगा।
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