नयी दिल्ली , मार्च 27 -- उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल ने माल लदान तथा राजस्व के क्षेत्र में नये कीर्तिमान स्थापित करते हुए पहली बार एक साल में 1,000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।
रेलवे ने शुक्रवार को बताया कि अजमेर मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 26 मार्च 2026 तक माल लदान में 100 लाख टन के बेंचमार्क को पार करते हुए माल राजस्व में पहली बार 1,000 करोड़ का आंकड़ा पार करने की उपलब्धि हासिल की है, जो क्षेत्रीय औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार अजमेर मंडल ने माल लदान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ समयपालनता के क्षेत्र में भी कीर्तिमान स्थापित किया है और भारतीय रेलवे के सभी मंडलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि यात्रियों तथा माल ग्राहकों दोनों के लिए विश्वसनीय और समयबद्ध सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है।
उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे रेल परिवहन को और अधिक सुदृद्ध बनाने के लिए उन्नत और संरक्षात्मक योजनाएं बनाना और साथ ही सभी विभागो का आपसी समन्वय, ट्रैक और सिग्नल प्रणाली के नियमित निरीक्षण, आवश्यक मरम्मत कार्यों का समय पर निष्पादन और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से रेल संचालन को और सुचारू बनाया गया है। इसके अलावा विभिन्न स्टेशनों पर कर्मचारियों को समयपालनता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाता है और उन्हें बेहतर संचालन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
अजमेर मंडल द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 26 मार्च 2026 तक 1,64,380 वैगनों में कुल 100.3 लाख टन माल लदान कर कुल 1,002.28 करोड़ रुपये का माल राजस्व अर्जित किया गया है जो निर्धारित वार्षिक लक्ष्य 847 करोड़ रुपये से 18.33 प्रतिशत अधिक है।
रेलवे के अनुसार अजमेर मंडल का यह प्रदर्शन पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों, जैसे सीमेंट, खनिज, कंटेनर परिवहन तथा कृषि उत्पादों के कुशल परिवहन से संभव हुआ है। आधुनिक अवसंरचना , बेहतर ट्रैक क्षमता, और डिजिटल तकनीकों के उपयोग ने माल परिवहन को तेज, संरक्षित और अधिक सुगम बनाया है।
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