अजनाला , मार्च 31 -- पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिह धालीवाल ने मंगलवार को घोषणा की कि अप्रैल के दौरान अजनाला में विशेष शिविर आयोजित करके सरकार 'पनाही कदीम', 'मलगुजार' और 'मुआफीदार' श्रेणियों के अंतर्गत आने वाली उपजाऊ भूमि जोत रहे किसानों को मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपेगी।

श्री धालीवाल ने 'चार शानदार वर्ष भगवंत मान के साथ' अभियान के तहत साहोवाल, डायल भट्टी, अनैतपुरा, अलीवाल कोटली, नानकपुरा, गुजरपुरा, गुराला और जगदेव खुर्द गांवों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 1952 से लेकर मार्च 2022 तक, करीब 75 वर्षोंमें सत्ता में रहीं पारंपरिक पार्टियों, कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों, ने स्वयं को किसान हितैषी बताने के बावजूद अजनाला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 'पनाही कदीम', 'मलगुजार' और 'मुआफीदार' श्रेणियोंके तहत आने वाली 10,181 कनाल उपजाऊ जमीन पर खेती कर रहे 6,344 किसानों को मालिकाना हक से वंचित रखा।

श्री धालीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई एक कैबिनेट बैठक में उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था, जिसके बाद एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रभावित किसानों को मालिकाना हक देने का प्रस्ताव पारित किया गया।

उन्होंने बताया कि संबंधित जमीनों की पहचान का कार्य पूरा हो चुका है और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज जल्द तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि प्रक्रिया पूर्ण होते ही किसानों को मालिकाना हक के कागजात सौंपे जा सकें।

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