रायपुर , मार्च 30 -- सेना में अग्निवीर के तौर पर सेवा दे रहे पहलवान ने छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की कुश्ती स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। अंजित मुंडा झारखंड राज्य के हैं। पिता के निधन के बाद घर जिम्मेदारियों का निर्वहन करते अंजित मुंडा ने कुश्ती का प्रशिक्षण लिया। आजीविका के लिए उन्होंने सेना में अग्निवीर के पद पर नियुक्ति ली है।
जिला पीआरओ ने सोमवार को बताया कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच पले-बढ़े झारखंड के युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुश्ती की 67 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर नई मिसाल कायम की है। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में अंजित ने अपने दमदार खेल और तकनीकी कौशल से प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
रामगढ़ जिले के सुगिया गांव निवासी अंजित का यह सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। वर्ष 2009 में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी माता के कंधों पर आ गई। खेती-बाड़ी और मजदूरी के सहारे परिवार चलाते हुए उन्होंने अंजित को आगे बढ़ने का हौसला दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंजित ने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहे।
अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में करीब छह वर्षों तक कठोर प्रशिक्षण लिया। उनकी लगन, अनुशासन और मेहनत ने उन्हें कम समय में ही एक सक्षम खिलाड़ी बना दिया। प्रशिक्षकों ने भी उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें निरंतर मार्गदर्शन दिया, जिसका परिणाम आज स्वर्ण पदक के रूप में सामने आया है।
खेल के साथ-साथ अंजित देश सेवा में भी अपना योगदान दे रहे हैं। उनका चयन भारतीय सेना में 'अग्निवीर जीडी' के रूप में हो चुका है और वे वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अंजित अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता, कोच और प्रशिक्षण संस्थान को देते हैं, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया।
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