नयी दिल्ली , मार्च 19 -- पोत, पत्तन और जलमार्ग मंत्रालय देश में राष्ट्रीय जलमार्गों के निर्माण की दिशा में तेजी से काम कर रहा है और उसे विश्वास है कि अगले पांच साल में 20 नये राष्ट्रीय जलमार्गों के निर्माण का काम पूरा कर इनको पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा।

पोत पत्तन परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि इन परियोजनाओं को पूरा करने का काम चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से चल रहा है। किस योजना को कब तक पूरा होना है इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की इस योजना से ग्रीन लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलने के साथ ही सड़क और रेल परिवहन पर दबाव कम होगा तथा कार्गो परिवहन की लागत घटेगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में कुल 111 राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित हैं और इनमें 32 ही चालू हैं लेकिन अगले पांच साल में यह संख्या बढ़कर 52 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 तक इन जलमार्गों की माल ढुलाई में हिस्सेदारी छह प्रतिशत से 12 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में छह नए जलमार्ग चालू होने की उम्मीद है। इनमें राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 49 झेलम नदी पर 110 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग-26 चेनाब नदी पर 51 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग-84 रावी नदी 44 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग-51 काबिनी नदी पर23.17 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग-90 शरावती नदी 28.67 किमी और राष्ट्रीय जलमार्ग-14 बैतरनी नदी पर 48 किमी शामिल हैं। इन जलमार्गों की कुल लंबाई लगभग 305 किमी है। ये सभी जल मार्ग पूरे देश में फैले हैं।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार 2027-2030 में 13 नये या विस्तारित जलमार्ग चालू होने की उम्मीद है। इनमें राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 25 चपोरा नदी पर 33 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 88 साल नदी पर 14.05 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 4 विस्तार (कृष्णा नदी का खंड) पर 636 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 76 पंचगंगावली नदी पर 23 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 22 बिरुपा-बडी-गेंगुटी-ब्राह्मणी प्रणाली पर 155 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 23 बूढ़ा बलंगा नदी पर 55.89 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 96 सुवर्णरेखा नदी पर 311 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 20 भवानी नदी पर 95 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 89 सावित्री नदी (बैंकोट क्रीक) पर 45.57 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 13 एवीएम नहर पर 11.3 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 59 कोट्टायम-वायकोम नहर पर 18.8 किमी, राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 28 दाभोल क्रीक-वशिष्ठी नदी पर 45 किमी और राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 41 घटप्रभा नदी पर 112 किमी शामिल हैं। इनकी कुल लंबाई लगभग 1560 किमी है।

उन्होंने बताया कि 2030-31 में एक प्रमुख जलमार्ग चालू होने की उम्मीद है। यह राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 5 ब्राह्मणी-खरसुआ-धामरा नदी प्रणाली पर 332 किमी है। ओडिशा में फोकस वाला यह प्रोजेक्ट 12,000-13,000 करोड़ रुपये के निवेश से तालचेर-अंगुल के मिनरल क्षेत्र को पारादीप-धामरा पोर्ट्स से जोड़ेगा।

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