पटना , फरवरी 09 -- बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में "सात निश्चय-3" के तहत अगले पाँच वर्षों में प्रदेश को देश के विकसित राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य तय किया है।
वित्तमंत्री श्री यादव विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री श्री यादव ने कहा कि बजट का मुख्य फोकस अगले पाँच वर्षों में बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने के लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच कुल 50 लाख नौकरियाँ और रोजगार उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने अगले पाँच वर्षों में एक करोड़ नौकरियाँ और रोजगार देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि "सात निश्चय-3" के तहत निर्धारित सात संकल्प समेकित विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.56 करोड़ महिलाओं को अपने उद्यम शुरू करने के लिए 10-10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी गई है।
वित्तमंत्री ने कहा कि जिन महिलाओं के उद्यम सफलतापूर्वक संचालित होगा, उन्हें अतिरिक्त दो लाख तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अगले पाँच वर्षों में प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट का आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 3,16,895.02 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीएसपी) का 2.99 प्रतिशत है, जो एफआरबीएम अधिनियम के तहत तय सीमा के भीतर है।
श्री यादव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान बिहार की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नई चीनी मिलें खोलने और पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी पुरानी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार को वैश्विक कार्यशाला बनाने के लिए राज्य में उद्योगों का जाल बिछाया जायेगा।
इस दौरान विपक्ष के सभी सदस्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन का बहिर्गमन किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित