पटना , फरवरी 02 -- बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य के विकास की गति को और तेज करने के प्रति प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सोमवार को कहा कि "दुगना रोजगार, दुगनी आय" कार्यक्रम के तहत अगले पाँच वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय दोगुनी हो जाएगी।
राज्यपाल श्री खान ने बजट सत्र के पहले दिन बिहार विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार की भावी रणनीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की और कहा कि 2025-2030 की अवधि के लिए 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले निश्चय "दुगना रोजगार, दुगनी आय" के तहत राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि दूसरे निश्चय "समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार" के तहत प्रदेश में उद्योगों की स्थापना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तीसरे निश्चय "कृषि में प्रगति, राज्य की समृद्धि" के अंतर्गत कृषि को और सशक्त बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय में और वृद्धि हो सके।
श्री खान ने कहा कि चौथा निश्चय "उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य" प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोलने तथा पटना में एक नए एजुकेशन सिटी के निर्माण का प्रावधान करता है। उन्होंने कहा कि पाँचवें निश्चय "सुलभ, स्वस्थ और सुरक्षित जीवन" के तहत प्रखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष चिकित्सा केंद्रों में और जिला स्तरीय अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में विकसित करने की परिकल्पना है। छठे निश्चय "मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार" के अंतर्गत सुनियोजित शहरी विकास, नए एक्सप्रेसवे का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण तथा पर्यटन क्षेत्र के विकास पर बल दिया गया है। वहीं सातवां निश्चय "सबका सम्मान, जीवन की सुगमता" संवेदनशील और उत्तरदायी प्रशासन के माध्यम से सभी नागरिकों के जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर केंद्रित है।
राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से बिहार को पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे राज्य के विकास को गति मिली है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले पाँच वर्षों में विकास कार्य और तेज होंगे, जिससे बिहार देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल होगा और राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
श्री खान ने न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सरकार के विकास प्रयासों में सभी सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा जताई और आशा व्यक्त की कि सभी विधायक सत्र के संचालन में जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभाएंगे।
'सात निश्चय' के इससे पहले के चरणों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को सरकार के गठन के बाद प्रत्येक घर तक बिजली, नल जल, शौचालय और सड़क संपर्क जैसी योजनाएं शुरू की गईं, जो अब पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 2018 तक हर घर बिजली पहुंच गई है और अब इसे अत्यधिक रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है और जो लोग इच्छुक हैं, उनके घरों पर सोलर पैनल भी लगाए जा रहे हैं।
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