अगरतला , जनवरी 09 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉक्टर माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार पीएम डिवाइन योजना के तहत 27.42 करोड़ रुपये के निवेश से एक एकीकृत अगरवुड क्लस्टर स्थापित कर रही है। इससे 7,000 से अधिक महिलाओं और युवा उद्यमियों को लाभ होने की उम्मीद है। यहां पांचवें अंतरराष्ट्रीय अगरवुड कॉन्क्लेव और क्रेता-विक्रेता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्लस्टर में नर्सरी विकास, वृक्षारोपण, आसवन और कौशल प्रशिक्षण की सुविधाएं होंगी जिसका उद्देश्य राज्य में अगरवुड उद्योग को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि देश के लगभग 96 प्रतिशत अगर के पेड़ पूर्वोत्तर में स्थित हैं और त्रिपुरा भारत का दूसरा सबसे बड़ा अगरवुड उत्पादक राज्य है जहां वर्तमान में लगभग 1.5 करोड़ अगर के पेड़ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल से रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण तथा वन-आधारित अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण समर्थन मिलेगा।
त्रिपुरा के अगरवुड के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगरतला नाम का संबंध अगर के पेड़ों से है जो कभी इस क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में पाए जाते थे।
साहा ने बताया कि उत्तर त्रिपुरा के कदमतला में एक अगरवुड बाजार का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है जिससे अगरवुड के खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सीधा व्यापार सुगम हो सकेगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर परिषद से प्राप्त 15 करोड़ रुपये की धनराशि से एक अंतरराष्ट्रीय अगर व्यापार एवं अनुसंधान केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है जो अनुसंधान और वाणिज्य का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगरवुड निर्यात को आसान बनाने के लिए निर्यातकों के लिए सिंगल-विंडो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित करने पर केंद्र के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने सम्मेलन में आये अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए अगर उत्पादकों को सरकार के निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।
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