आगरा , दिसंबर 06 -- समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को आगरा में फतेहपुर सीकरी स्थित शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पहुंचे। श्री यादव के साथ उनकी पत्नी डिम्पल यादव और जया बच्चन भी साथ में थीं। शेख सलीम चिश्ती की दरगाह में तीनों गए और वहां पर चादर और फूल पेश किए। इस मौके पर अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि आने का मौका मिला। जो हिंदुस्तानियत, मिली जुली संस्कृति और एक दूसरे के प्रति लगाव बढ़े ऐसी यहां से कामना है। ये इतिहासिक जगह है जहां पर सब मिलकर रहे हैं। हमारे हिंदुस्तान की पहचान है कि अलग अलग जाति और धर्म के लोग मिलकर रहते हैं।
एसआईआर के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि जहां हम एसआईआर की चर्चा कर यह हैं कि वोट बनवाना और वहीं वोट कटने से बचाना है। ज्यादा से ज्यादा लोगों को वोट देने का अधिकार मिले। एसआईआर के बहाने वोट काटना चाहते हैं। संविधान से बनी संस्था वोट बनवाने से ज्यादा वोट कटवाने की चिंता कर रही है। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर को याद कर रहे हैं। डॉ अम्बेडकर ने जो संविधान दिया उस संविधान की वजह से हक और सम्मान मिल रहा है। संविधान की किताब पीडीए के लिए किस्मत की किताब है। किस्मत की किताब हमारे बीच न होती तो क्या क्या सामना करना पड़ता। कई बार वर्चस्व वादी लोग हैं वो पीडीए का अपमान करते हैं। यहां तक कि कोर्ट में जूता भी फेंक दिया। किस्मत की किताब साथ चलने का मौका देती है, यही जो हमें आरक्षण देती है। मान लीजिए संविधान नहीं होगा तो आरक्षण नहीं होगा। संविधान कमजोर होगा तो लोकतंत्र कमजोर होगा। जो एक तंत्री लोग मन विधान से चलना चाहते हैं संविधान से नहीं ।
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