लखनऊ , जनवरी 08 -- समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पीडीए समाज (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा है कि वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने की साज़िश को हर हाल में नाकाम किया जाए। उन्होंने कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद पीडीए समाज के करोड़ों मतदाताओं के नाम अब तक मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं, जो लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर सीधा हमला है।

श्री यादव ने गुरुवार को एक्स पर पीडीए प्रहरी' से हर बूथ पर गहन जांच-पड़ताल करने का आह्वान करते हुए कहा कि "एक भी वोट न कटने पाए, एक भी वोट न घटने पाए" के संकल्प के साथ सभी को फिर से संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना नागरिक होने की पहचान है। अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटता है तो आने वाले समय में उसी आधार पर राशन कार्ड, सरकारी योजनाओं, जाति प्रमाणपत्र, आरक्षण, नौकरी, बैंक खाते, बीमा, पैन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बिजली-पानी कनेक्शन, खेत-ज़मीन और घर-मकान तक पर संकट आ सकता है।

सपा अध्यक्ष ने आशंका जताई कि सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी सरकार चुनावी लाभ के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो सरकार निर्विरोध चुनाव कराने का खेल खेल सकती है, वह वोट काटने की साज़िश भी कर सकती है। चुनाव जीतकर सत्ता में आना और फिर भ्रष्टाचार के ज़रिए जल-जंगल-ज़मीन पर कब्ज़ा करना ही उनका उद्देश्य है।

श्री यादव ने कहा कि पीडीए समाज को यह समझना होगा कि जब हमारे पास वोट डालने का अधिकार है, तब भी उत्पीड़न हो रहा है। यदि यह अधिकार ही छीन लिया गया तो हालात और भयावह होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्चस्ववादी ताकतें संविधान को कमजोर करना चाहती हैं, जबकि संविधान ही गरीब, शोषित और वंचित वर्गों की ढाल है।

उन्होंने पीडीए समाज के हर सदस्य से अपील की कि वह सजग रहे, अपना वोट जरूर बनवाए और दूसरों को भी जागरूक करे। उन्होंने कहा कि वोट बचाने का मतलब संविधान, आरक्षण, नौकरी और भविष्य को बचाना है। सपा अध्यक्ष ने भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर मतदान करने और "अपनी पीडीए सरकार" बनाने की अपील की।

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