रांची , जनवरी 14 -- ारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची से अपहृत मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की 13 दिनों बाद सकुशल बरामदगी पर भावुक लेकिन सख्त संदेश दिया है।
श्री सोरेन ने आज इसे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम जिंदगियों की आज़ादी बताया और कहा कि यह मामला उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी बेहद पीड़ादायक रहा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि शुरुआती दौर में जांच को लेकर अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी, लेकिन दूसरे राज्य में हुई इसी तरह की घटनाओं से कड़ियाँ जोड़ते हुए रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच बनाई और बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया। उन्होंने इसे पुलिस की सूझबूझ, धैर्य और पेशेवर दक्षता का प्रमाण बताया।
श्री सोरेन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होगी। राज्य के भीतर और राज्य के बाहर घटित ऐसी घटनाओं की गहन जांच की जाएगी और संगठित अपराधी गिरोह के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर उसकी कमर तोड़ी जाएगी।
श्री सोरेन ने रांची पुलिस सहित झारखंड पुलिस की पूरी टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बधाई दी तथा अंश और अंशिका के परिजनों के प्रति संवेदना और शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
ज्ञातव्य है कि अंश और अंशिका को 2 जनवरी को अगवा कर लिया गया था, जिसके बाद पूरे राज्य में चिंता और प्रार्थनाओं का माहौल बना हुआ था। बच्चों की सुरक्षित बरामदगी से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे झारखंड ने राहत की सांस ली है।
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