अंबिकापुर , अक्टूबर 27 -- छत्तीसगढ़ में सेंट्रल जेल परिसर के अंदर जिलाबदर अपराधी अंश पंडित को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस आरक्षकों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित कर्मियों में परवेज फिरदौसी, डॉक्टर सिंह सिदार और सुशील खेस शामिल हैं। यह कार्रवाई तब की गई जब प्रतिबंधित क्षेत्र में जिलाबदर आरोपी अंश पंडित के मोबाइल फोन से बात करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अंश पंडित जेल परिसर के अंदर मोबाइल फोन का उपयोग कर रहा था। इस घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से गंभीर लापरवाही की ओर इशारा किया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आज नाम न छापने की शर्त पर बताया, "जेल परिसर एक संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र है। यहां किसी भी कैदी को विशेष रूप से जिलाबदर अपराधी को मोबाइल फोन की सुविधा देना गंभीर चूक है। तीनों कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच जारी है।"स्थानीय अधिवक्ता समुदाय ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। अंबिकापुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा, "यह घटना जेल प्रशासन में गंभीर खामियों को उजागर करती है। ऐसे मामलों से अपराधियों द्वारा जेल से ही अपराधिक गतिविधियों को जारी रखने का खतरा बना रहता है।"इससे पहले भी जेल में कैदियों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल के कई मामले सामने आ चुके हैं लेकिन जिलाबदर अपराधी द्वारा मोबाइल इस्तेमाल का यह मामला विशेष रूप से चिंताजनक माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में और कार्रवाई की संभावना जताई है।
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