अंबिकापुर , जनवरी 07 -- छत्तीसगढ में अंबिकापुर जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने बुधवार को विकासखंड सीतापुर का व्यापक दौरा किया। इस दौरान जिला कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आम जनता से सीधा संवाद किया।

श्री वसंत के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सबसे पहले उपजिलाधिकारी कार्यालय, तहसील और नायब तहसीलदार कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व से जुड़े फौती, नामांतरण, बंटवारे जैसे लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने विवादित मामलों को 75 दिन और अविवादित मामलों को 45 दिन में निपटाने तथा एक वर्ष से अधिक पुराने अदालती प्रकरणों की प्रगति बढ़ाने का आदेश दिया।

इसके बाद वह धान खरीद केंद्र गेरसा पहुंचे। वहां उन्होंने टोकन व्यवस्था, धान उठाव और भंडारण की प्रक्रिया की जानकारी ली। बोरियों के तौल के दौरान मानक वजन 40 किलो के स्थान पर महज 35 किलो धान पाए जाने पर उन्होंने समिति प्रबंधक पर नाराजगी जताते हुए नोटिस जारी करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दौरे के अगले चरण में कलेक्टर ने ग्राम सुर के किसानों के तेल पाम (आयल पाम) बागान का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर इस खेती के लाभ बताए और उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने उद्यान विभाग को प्रत्येक विकासखंड में पांच मॉडल किसान तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि वे अन्य किसानों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर सकें। साथ ही इंटरक्रॉपिंग और मृदा परीक्षण पर भी जोर दिया।

शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने शयनकक्ष, रसोई, शौचालय और परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया तथा सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए। बालिकाओं के मनोरंजन के लिए टेबल टेनिस कोर्ट बनाने का प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के लिए कलेक्टर वसंत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, वार्ड, पैथोलॉजी लैब और आपातकालीन कक्ष की व्यवस्थाएं देखीं। चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, एनेस्थीसिया अधिकारी की तैनाती, डेंटल चेयर और एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराने के आदेश दिए। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बच्चों के लिए खिलौनों की व्यवस्था और केंद्र के नवीनीकरण की कार्ययोजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रसवोपरांत सहायता राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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