चंडीगढ़ , जनवरी 14 -- ) हरियाणा में चंड़ीगढ़ के पिहोवा में आयोजित होने वाला अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव देश की समृद्ध कला, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत मंच बनेगा। इस महोत्सव में हरियाणा, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से कलाकारों और शिल्पकारों को आमंत्रित किया गया है, जिससे यहां भारत की विविध सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन 19 जनवरी से 25 जनवरी तक किया जाएगा। महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 19 से 23 जनवरी तक आयोजित होंगे। 19 जनवरी को आदिबद्री से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा महोत्सव का शुभारंभ किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 20 और 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सरस्वती विषय पर तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दो सत्रों के बाद पैनल चर्चा भी होगी। 22 जनवरी को राखीगढ़ी और कुनाल में सुबह 10 बजे से सायं पांच बजे तक प्रदर्शनी और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि 23 जनवरी को पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर 31 कुंडीय हवन यज्ञ, मंत्रोच्चारण तथा 2100 विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही सायं 6 बजे से 8 बजे तक दीपदान, भजन संध्या, सरस्वती आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
उन्होंने कहा कि महोत्सव को विशेष पहचान देने के लिए 19 से 25 जनवरी तक सरस मेला भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें हरियाणा सहित अन्य राज्यों के 100 से अधिक शिल्पकार भाग लेंगे। इसके साथ ही राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब सहित अन्य राज्यों के कलाकार अपनी-अपनी लोक कला, गीत और नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
इस प्रकार पिहोवा के पावन सरस्वती तट पर आयोजित यह महोत्सव देश की सांस्कृतिक एकता, परंपरा और कला का भव्य संगम प्रस्तुत करेगा।
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