चेन्नई , मार्च 30 -- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष डेटा उत्पादों और सेवाओं पर अपने अल्पकालिक पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण शुरू करने की घोषणा की है।

भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) ने इसरो के सहयोग से इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इसे अंतरिक्ष डेटा उत्पादों और अनुप्रयोगों पर गैर-सरकारी संस्थाओं और शिक्षाविदों के लाभ के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि शिक्षाविद, अंतरिक्ष से जुड़े उद्योग से संबद्ध लोग, स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधकर्ता तथा अंतिम वर्ष के स्नातक छात्र पांच से 10 अप्रैल तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में आयोजित होने वाले इस पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।

इन-स्पेस के रेजिडेंट एक्सपर्ट विनोद बोथले और आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर संजय उपाध्याय पाठ्यक्रम के निदेशक हैं, जबकि इन-स्पेस के सहायक निदेशक डॉ. वैभव गौड़, डॉ. अल्का रानी और आईआईटी रुड़की की सहायक प्रोफेसर डॉ. संचिता पाल पाठ्यक्रम समन्वयक हैं।

पाठ्यक्रम शुल्क 15,000 रुपये और 18 प्रतिशत (जीएसटी) है जिसमें भोजन शुल्क भी शामिल है (गैर-वापसी योग्य)। पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को पांच अप्रैल को दोपहर दो बजे से पहले कार्यक्रम स्थल पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।

इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र में उद्योग और शिक्षा जगत के कौशल विकास को बढ़ावा देना है। यह पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को अंतरिक्ष प्लेटफार्मों से उत्पन्न विभिन्न डेटा उत्पादों के विभिन्न अनुप्रयोगों की बुनियादी समझ प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।

पाठ्यक्रम रिमोट सेंसिंग तकनीक के सिद्धांतों, अंतरिक्ष आधारित प्लेटफार्मों और सेंसरों के स्पेक्ट्रम, डेटा प्रकारों और उनकी विशेषताओं के परिचय के साथ शुरू होगा। इसके बाद, डिजिटल इमेज प्रोसेसिंग, माइक्रोवेव एसएआर, फोटोग्रामेट्री और लिडार डेटा प्रोसेसिंग, एलीवेशन मॉडल, मूल्य वर्धित उत्पादों से संबंधित कई तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

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