गोवा , नवंबर 10 -- गोवा में आयोजित होने वाले 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) ने अपने कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। वैराइटी की रिपोर्ट के अनुसार राजकुमार पेरियासामी की तमिल भाषा की 'अमरन' को भारतीय पैनोरमा वर्ग की उद्घाटन फिल्म के रूप में चुना गया है। इस फिल्म में शिवकार्तिकेयन ने मुख्य भूमिका निभाई है।

यह फिल्म महोत्सव 20 से 28 नवंबर तक गोवा में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कुल 25 फीचर फिल्में, 20 गैर-फीचर फिल्में और पांच सर्वश्रेष्ठ वेब-सीरीज पुरस्कार की फिल्में होंगी।

उल्लेखनीय है कि अभिनेता-फिल्म निर्माता राजा बुंदेला की अध्यक्षता वाली और 12 सदस्यों वाली फीचर फिल्म जूरी ने विभिन्न भारतीय भाषाओं और क्षेत्रीय परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाली फिल्मों का चयन किया है।

मुख्य खंड में 20-फीचर फिल्मों का चयन किया गया है। थमार केवी की मलयालम भाषा की 'सरकीत', जितांक सिंह गुर्जर की ब्रज भाषा की 'विमुक्त', विवेक रंजन अग्निहोत्री की 'द बंगाल फाइल्स', अनुपम खेर की 'तन्वी द ग्रेट', बडिगर देवेंद्र की कन्नड़ भाषा की 'वान्या', प्रवीण मोर्चले की उर्दू भाषा की 'व्हाइट स्नो', सासंका समीर की असमिया भाषा की 'भैमोन दा', संतोष दावाखर की मराठी-भाषा की 'गोंधल' और जेपी तुमिनाड की कन्नड़-भाषा की 'सु फ्रॉम सो' शामिल हैं।

अन्य उल्लेखनीय चयन हैं सौकर्या घोषाल की 'पोखिराजेर डिम', शिवध्वज शेट्टी की 'तुलु-भाषा इम्बु', पुरुषोत्तम लेले की मराठी-भाषा की 'दृश्य अदृश्य', नाओरेम दिनेश सिंह की मणिपुरी-भाषा की 'ओइथारेई', रेशमी मित्रा की बंगाली-भाषा की 'बारोबाबू', राजू चंद्रा की तमिल-भाषा की 'पिरंथनाल वजथुकल', विशाल पटनायक की उड़िया-भाषा की 'मालिपुट मेलोडीज', परेश मोकाशी की मराठी भाषा की 'मुक्कम पोस्ट बोम्बिलवाड़ी', तेजस प्रभा विजय देउस्कर की 'ग्राउंड जीरो' और जिगर नागदा की राजस्थानी भाषा की 'व्हिस्परर्स ऑफ द माउंटेंस'।

वहीं मुख्यधारा के सिनेमा खंड में लक्ष्मण उटेकर की हिंदी भाषा की 'छावा', शिवराज वाइचल की मराठी फिल्म 'अता थंबायचा नाय', थारुन मूर्ति की मलयालम फिल्म 'थुडरम', देबंगकर बोरगोहेन की असमिया फिल्म 'सिकार' और अनिल रविपुडी की तेलुगु भाषा की 'संक्रांतिकी वास्तुन्नम' शामिल होंगी।

इसके अलावा जूरी ने भारतीय फीचर फिल्म पुरस्कार के सर्वश्रेष्ठ डेब्यू निर्देशक के लिए पांच फिल्मों को नामांकित किया- ट्रिबेनी राय की नेपाली भाषा की 'शेप ऑफ मोमो', राम कमल मुखर्जी की 'बिनोदिनी एकती नातिर उपाख्यान', करण सिंह त्यागी की 'केसरी चैप्टर 2', जितिन लाल की 'एआरएम और यदु वामसी की तेलुगु भाषा की 'समिति कुरोलू'।

गैर-फीचर फिल्मों की श्रेणी में सिनेमैटोग्राफर-फिल्म निर्माता धरम गुलाटी के नेतृत्व में एक अलग जूरी ने 550 प्रविष्टियों में से 20 फिल्मों का चयन किया। कमलेश के मिश्रा की हिंदी भाषा की डॉक्यूमेंट्री 'काकोरी' गैर-फीचर फिल्म की श्रेणी में चयनित हुई। गैर फीचर श्रेणी की अन्य उल्लेखनीय चयनों में प्रकाश करियप्पा के की 'कोडवा-भाषा उम्मथैट : द रिदम ऑफ कोडवा', जयराम भास्कर वाघमोड की मराठी फिल्म 'द अनटोल्ड एगोनी', ईवी गणेशबाबू की तमिल 'आनिराय', सनी हिंदुजा और शिंजिनी रावल की हिंदी 'दैट ए रैप', कपिल तंवर की 'आरयू बीए आरयू', सूरज कुमार की 'पिपलांत्री : ए टेल ऑफ इको फेमिनिज्म', अनहद मिश्रा की 'चम्बल', हिमांशु शेखर खटुआ की 'उड़िया महिमा अलेखा' और संदेश कदुर की अंग्रेजी भाषा की 'नीलगिरी-ए शेयर्ड वाइल्डरनेस' शामिल हैं।

इसके अलावा महोत्सव में रोहित मोरे की बहुभाषी फिल्म 'ता ढोम', समतेन भूटिया की 'सिक्किमी शंगरीला', सूर्य बालाकृष्णन की 'दीपा दीदी', अभिजीत अरविंद दलवी की 'हमसफर', सविता शर्मा नागर और राजेश अमरोही की 'चौक यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर : पद्मभूषण अमृत लाल नागर', ईशा पुंगलिया की 'ओस्लो-ए टेल ऑफ प्रॉमिस', बोरुन थोकचोम की 'बैटलफील्ड', नम्रता दत्ता की 'पत्रलेखा', राजदीप चौधरी की 'चलो इंडियन विद एरिक जी' और उल्का मयूर की 'व्हेयर द हार्ट इज' शामिल हैं।

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