मुंबई , अप्रैल 11 -- महाराष्ट्र में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने खुद को 'भगवान का दूत' बताने वाले 'कैप्टन' अशोक खरात से जुड़े मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए मामले को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सहित कई बड़े राजनीतिक चेहरों के लिए संभावित खतरे से भी जोड़ा है।
सुश्री दमानिया ने कहा कि यह मामला अब केवल एक सामान्य धोखाधड़ी की जांच तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि अब इसमें ऐसी संवेदनशील जानकारियां शामिल होने की आशंका है, जिनके दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने खरात के बयानों का हवाला देते हुए दावा किया कि खरात के पास कुछ ऐसी अहम जानकारियां हो सकती हैं, जिनके सार्वजनिक होने पर कई प्रभावशाली लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि जांच को आगे बढ़ने से रोकने और 'मामले को रफा-दफा करने' के लिए खरात को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसलिए उन्होंने खरात के लिए तत्काल और कड़ी सुरक्षा की मांग की है।
यह विवाद तब और गहरा गया, जब बीड के एक व्यक्ति द्वारा विशेष जांच दल (एसआईटी) में दर्ज कराई गई एक शिकायत सामने आई। इस शिकायत में कई सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं, जिनमें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जान को खतरा होने की बात भी शामिल है।
गौरतलब है कि इस शिकायत में राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर का नाम उस व्यक्ति के तौर पर सामने आया है, जिससे यह धमकी मिली थी। इस बात ने राजनीतिक और कानून-प्रवर्तन से जुड़े हलकों में हड़कंप मचा दिया है और इस पर जोरदार बहस छिड़ गई है।
सुश्री दमानिया ने इस मुद्दे को और आगे बढ़ाते हुए तथाकथित फर्जी बाबाओं से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की। प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "आखिर हम कर क्या रहे हैं?" उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि प्रशासन ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने में पूरी तरह विफल रहा है।
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