देहरादून , जनवरी 05 -- उत्तराखंड में अंकिता मामले पर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जाने के बाद और प्रदेश भर में चल रहे प्रदर्शनों के बीच सोमवार को राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने यहां कहा कि इस मामले में विपक्षी दल के नेता राजनीतिक रोटियां सेक रहे है।
श्री बंसल ने यहां बलबीर रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी मामले को दोबारा उछलकर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यह माहौल उन तत्वों की तरफ से खराब किया जा रहा है जिनको प्रदेश की जनता ने राजनीतिक रूप से पूरी तरह नकार दिया है।
उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी राजनीतिक पार्टियां अंकिता का नाम बार-बार लेकर अपने स्वार्थ को सिद्ध कर रही हैं। इससे आहत दिवंगत बेटी की आत्मा इनको श्राप दे रही होगी कि कैसे उसका नाम लेकर यह अपनी राजनीतिक रोटियां सेख रहे हैं।
श्री बंसल ने कहा कि सर्वविदित है कि अंकिता हत्याकांड में सरकार ने तत्काल कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया था और 48 घंटे में उसका शव बरामद कर लिया था।
इस प्रकरण की जांच के लिए सरकार ने तुरंत एक्शन लिया,और डीआईजी रैंक की महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। उन्हाेंने कहा कि एसआईटी ने तार्किक रूप से एक-एक साक्ष्य जुटाए, और इस मामले की गंभीरता से जांच करते हुए अपराधियों को जेल भिजवाया, उनकी गिरफ्तारी के बाद जमानत तक नहीं हुई, और उन्हें उम्र में कैद की सजा मिली।
श्री बंसल ने कहा कि अब दो लोगों के बीच हुई ऑडियो को माध्यम बनाकर वीआईपी जैसे शब्दों को उछाला जा रहा है, और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को लक्ष्य बनाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईटी जांच में जब अदालत पूरी तरह से यह स्थापित कर चुके हैं की जांच में कोई कोताही नहीं बरती गई, उसके बाद भी अंकिता प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी जांच से न तो पीछे हट रही है और न बच रही है लेकिन आज कोई भी अगर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं उन्हें तथ्य सामने लाने चाहिए। बिना तथ्यों के आधार पर आखिर कैसे सीबीआई जांच की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीआई जांच होने पर अपराधियों को जमानत का अवसर मिल सकता है लेकिन कुछ लोग राजनीतिक मंशा से प्रदेश का माहौल बिगाड़ने में लगे हुए हैं।
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