देहरादून , जनवरी 10 -- उत्तराखंड सरकार द्वारा बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के फैसले का प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने स्वागत करते हुए इसे जन भावनाओं के अनुरूप बताया और कहा कि इससे विपक्ष के झूठ का पर्दाफाश हो सकेगा।

गौरतलब है कि अंकित हत्याकांड के दोषियों को निचली अदालत द्वारा उम्र कैद की सजा सुनाये जाने के बावजूद इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर हाल ही में पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हुआ।

श्री भट्ट ने कहा कि सरकार ने अंकिता के हत्यारों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा और मामले में निष्पक्ष जांच की। हालांकि अंकिता के माता, पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए सरकार ने सीबीआई से जांच कराने का फैसला लिया और इसकी संस्तुति दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस पर शुरू से ही राजनीति करता रहा है लेकिन इसमें लेशमात्र भी शक की गुंजाइश न रहे, इसके लिए सीबीआई जांच की संस्तुति की गयी है। उन्होंने कहा कि अंकिता के नाम पर नर्सिंग काॅलेज का नामकरण पर लगे कांग्रेसी आरोपों को विशुद्ध राजनैतिक झूठ करार दिया है। वहीं अंकिता को इंसाफ दिलाने के नाम पर समाज को बांटने और माहौल खराब करने की कोशिशों की कड़ी आलोचना की है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सभी पक्षों से अंकिता प्रकरण पर राजनीति बंद करने का आग्रह किया है। नर्सिंग कॉलेज नाम परिवर्तन को उठाई शंका को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि विश्वास नहीं होता, उन्हें नियमों को सही जानकारी नहीं है। जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीकोट राजकीय नर्सिंग कॉलेज पर अंकिता के नाम की घोषणा के साथ ही शासनादेश लागू कर दिया गया है। उन्होंने अफसोस जताया कि कांग्रेस नेताओं के लिए अंकिता बेटी की मौत सिर्फ एक राजनैतिक मुद्दा है। यही वजह है कि उनके लिए न पीड़ित परिवार की राय की अहमियत है और न ही नर्सिंग कॉलेज के नामांकरण की।

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