नई दिल्ली, जनवरी 27 -- वास्तु शास्त्र में कलावा यानी मौली को बहुत शुभ और ऊर्जावान माना जाता है। यह लाल-सफेद या पीले-सफेद धागा भगवान गणेश, हनुमान जी और लक्ष्मी माता की कृपा का प्रतीक है। पूजा में हाथ में बांधने के अलावा कलावा घर के विभिन्न स्थानों पर बांधने से वास्तु दोष दूर होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। इससे परिवार में सुख-शांति, धन-समृद्धि और स्वास्थ्य में सुधार आता है। कई वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, कलावा बांधना एक सरल लेकिन प्रभावी उपाय है, जो घर की वास्तु कमियों को संतुलित करता है। आइए जानते हैं घर में किन-किन जगहों पर कलावा बांधना चाहिए और इसके नियम क्या हैं।कलावा का महत्व और वास्तु में भूमिका कलावा को वास्तु शास्त्र में रक्षा कवच माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नज...
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