नई दिल्ली, मई 5 -- Vakri Shani 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्म फलदाता व ग्रहों का न्यायाधीश माना गया है। शनि हर व्यक्ति को उसके कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह है और एक निश्चित समय के बाद यह वक्री भी होता है। शनि की वक्री स्थिति का अर्थ उलटी चाल से है। वैदिक पंचांग के अनुसार शनि 13 जुलाई 2025 को सुबह 09:36 बजे मीन राशि में वक्री होंगे और लगभग 138 दिनों तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे। शनि की वक्री या उलटी चाल सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगी लेकिन तीन भाग्यशाली राशियों के को वित्त, करियर, पारिवारिक जीवन व सेहत आदि में शुभ फलों की प्राप्ति होगी। जानें वक्री शनि का प्रभाव- यह भी पढ़ें- केतु के नक्षत्र में बुध का गोचर, इन 3 राशियों पर पड़ेगा शुभ प्रभाव कर्क राशि- शनि की वक्री चाल कर्क राशि वाल...
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