नई दिल्ली, फरवरी 19 -- यूपी चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में नोटिस पाने वाले दो करोड़ से ज्यादा वोटरों को बड़ी राहत मिल गई है। अब उन्हें इसके जवाब या दस्तावेजों को लेकर कहीं जाना नहीं होगा। चुनाव आयोग ने अब व्यवस्था दी है कि तार्किक विसंगति वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं की घर पर ही बीएलओ सुनवाई कर मामले का निस्तारण कर देंगे। नोटिस पाने वाले मतदाताओं के परिवार के सदस्य जिसमें बेटा-बेटी, पति-पत्नी, माता-पिता, भाई बहन, दादी-बाबा, चाचा व भतीजे इत्यादि भी नोटिस से संबंधित दस्तावेज दे सकेंगे। फिर विसंगति दूर कर दी जाएगी।कौन हैं तार्किक विसंगति वाले वोटर सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि क्योंकि तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में हैं, ऐसे में इनका मिलान तो हो ही चुका है। सिर्फ विसंगति दूर की ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.