नई दिल्ली, अक्टूबर 18 -- उत्तराखंड सरकार ने हाई कोर्ट में एक हलफनामा दायर करते हुए कहा है कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता के कुछ प्रावधानों में संशोधन कर रही है। इस हलफनामे में कहा गया कि ये संशोधन रजिस्ट्रार कार्यालय के नियम 380 से संबंधित हैं, जो उन शर्तों को सूचीबद्ध करते हैं जिनके अंतर्गत लिव-इन रिलेशनशिप को रजिस्टर्ड नहीं किया जा सकता है। 78 पेज का यह हलफनामा 15 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश जी.नरेंद्र और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के सामने महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित संशोधनों में विभिन्न पंजीकरण और घोषणा प्रक्रियाओं के लिए आधार नंबर को पहचान प्रमाण के रूप में अनिवार्य करने का भी प्रावधान किया गया है। नियम 380 में किसी आपत्तिजनक या रोक-टोक वाले रिश्ते में शामिल जोड़े से जुड़ा है, इसमें किसी ऐसे जो...
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