नई दिल्ली, दिसम्बर 25 -- तुलसी की पूजा हर घर में होती है। आपको बता दें कि तुलसी भगवान् नारायण की प्रिया हैं, इसलिये परम पवित्र हैं। जब भगवान् श्रीहरि ने तुलसी को अपना लिया तो तुलसीको पाकर उसके और लक्ष्मी के साथ आनन्द करने लगे। उन्होंने तुलसी को भी गौरव और सौभाग्य में लक्ष्मी के समान बना दिया। लक्ष्मी ने तो तुलसी के भाग्य और गौरव को सह लिया, किंतु सरस्वती यह सब सहन न कर सकीं। सरस्वती के द्वारा अपना अपमान होने से तुलसी अन्तर्धान हो गईं। भगवान ने उसे न देखकर सरस्वती को समझाया और उससे आज्ञा लेकर वे तुलसीवनमें गये। तुलसी की की स्तुति की। कैसे की तुलसी की पूजा तुलसी के लिए घी का का दीपक जलाया , धूप, सिन्दूर, चन्दन, नैवेद्य और पुष्प आदि उपचारों से तथा स्तोत्र द्वारा पूजा की, इसके अलावा उनकी बीज मंत्रों से पूजा की और कहां कि जो भी मां तुलसी के ...
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