नई दिल्ली, अगस्त 25 -- प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों की गिरफ्तारी और 30 दिनों तक जेल में रहने पर पद से बर्खास्त करने वाले विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति में भेजने के प्रस्ताव को झटका लगा है। विपक्षी पार्टियों में इस समिति को लेकर मतभेद पैदा हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद अब शिवसेना (उद्धव गुट) ने भी इस समिति से किनारा कर लिया है। उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने रविवार को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए जा रहे इस बिल को लोकतंत्र को कुचलकर आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखे एक पोस्ट में संजय राउत ने सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक को संसदीय समिति में भेजने के प्रस्ताव को नौटंकी करार दिया। उन्होंने लिखा, "मोदी सरकार लोकतंत्र को और जनता द्वारा चुनी गई सरकार को कुचलने के लिए 130 वां संविधान संश...
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