नई दिल्ली, जनवरी 9 -- टीईटी को लेकर सु्प्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से देश भर के लाखों प्राइमरी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी हुई है। कई वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे गैर टीईटी पास टीचर शीर्ष अदालत के इस फैसले से तनाव में हैं। उनका कहना है कि वे बच्चों को पढ़ाएं या खुद परीक्षा की तैयारी करें। टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता से छूट की मांग को लेकर बीते कई दिनों से बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षक, शिक्षक संगठन और जनप्रतिनिधि लगातार केंद्र सरकार के पास अनुरोध भेज रहे थे। धरना प्रदर्शन कर रहे थे। अब केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इस संबंध में एक्शन लिया है। शिक्षा मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी राज्यों से अनिवार्य टीईटी मामले में पहली से आठवीं कक्षा के वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की रिपोर्ट मांगी...
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